شاعری ہندی محبت 62

شاعری ہندی محبت shayari hindi love

किया इश्क़ ने मेरा हाल कुछ ऐसा,
ना अपनी है खबर ना दिल का पता है,
कसूरवार था मेरा ये दौर-ए-जवानी,
मैं समझता रहा सनम की खता है।

Kiya ishq ne mera haal kuch aisa,
na apani hai khabar na dil ka pata hai,
kasuravaar tha mera ye daur-e-javaani,
main samajhta raha sanam ki khata hai.

अमल से भी माँगा वफ़ा से भी माँगा,
तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा,
न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा,
कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा।

मेरी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है,
फिर भी मेरे प्यार पर उसको शक आज भी है,
नाव में बैठ कर धोये थे उसने हाथ कभी,
पानी में उसकी मेहँदी की महक आज भी है।

कल रात चाँद बिल्कुल आप जैसा था …
वो ही खूबसूरती, वो ही नूर, वो ही गुरुर,
और वैसे ही.. आप की तरह दूर।

तुम्हे देखना……
फिर तुम्हे सोचना ,
तुम्हे सोचना…..
फिर तुम्हे चाहना,
तुम्हे चाहना…..
फिर तुम्हे पाना,
तुम्हारे पास जाना…..‍♀
फिर तुम्हारा मेरे पास आना,
कितना प्यारा सा सफर है ये हमारे प्यार का ….!

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